हिमाचल के बिजली उपभोक्ताओं के लिए अहम खबर, स्मार्ट मीटर को लेकर विभाग ने लिया बड़ा फैसला

हिमाचल के बिजली उपभोक्ताओं के लिए अहम खबर, स्मार्ट मीटर को लेकर विभाग ने लिया बड़ा फैसला

ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)

हिमाचल प्रदेश में स्मार्ट मीटरिंग परियोजना को लेकर जारी विरोध और भ्रांतियों को दूर करने के लिए सुक्खू सरकार ने एक अनूठी रणनीति अपनाई है। बिजली बोर्ड ने अब यह तय किया है कि स्मार्ट मीटर लगाने की शुरुआत आम जनता से पहले खुद बिजली विभाग के कार्यरत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के घरों से की जाएगी। इस संबंध में कांगड़ा जोन के मुख्य अभियंता (ऑपरेशन) अजय गौतम ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं।

विश्वास बहाली के लिए उठाया गया कदम

विभागीय आदेशों के अनुसार, स्मार्ट मीटरिंग को लेकर समाज में मौजूद अविश्वास और गलतफहमियों को खत्म करना इस कदम का मुख्य उद्देश्य है। बोर्ड का मानना है कि जब बिजली विभाग के अपने लोग स्मार्ट मीटर का उपयोग करेंगे, तो आम जनता के बीच सिस्टम की विश्वसनीयता बढ़ेगी। बिजली बोर्ड ने अब यह तय किया है कि विभाग के सभी वर्तमान कर्मचारियों और पेंशनभोगी अधिकारियों के घरों में सबसे पहले स्मार्ट मीटर लगेंगे। यदि बिजली कनेक्शन किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर भी है, लेकिन वहां बिजली कर्मचारी या सेवानिवृत्त कर्मी रह रहे हैं, तो वहां भी प्राथमिकता से मीटर बदला जाएगा।

‘स्मार्ट मीटरिंग परियोजना का निजीकरण से कोई लेना-देना नहीं’

बोर्ड ने साफ किया है कि स्मार्ट मीटरिंग परियोजना का निजीकरण से कोई लेना-देना नहीं है। इसका एकमात्र लक्ष्य बिलिंग में सुधार और उपभोक्ता सेवाओं को पारदर्शी बनाना है। कांगड़ा जोन के चीफ इंजीनियर ने सभी सहायक अभियंताओं (AE) को व्यक्तिगत रूप से इस प्रक्रिया की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। एई को साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट मुख्यालय भेजने को कहा गया है ताकि कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके। इसके अलावा, बोर्ड ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों से भी आग्रह किया है कि वे इस प्रोजेक्ट के लाभों के बारे में जनता को जागरूक करें ताकि किसी भी प्रकार का भ्रम न रहे। गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा पूरे प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट बिजली मीटर लगाने का कार्य जारी है, लेकिन इनका विरोध भी हो रहा है।

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